सीतामढ़ी धाम हरचोका में आयोजित श्रीमद् वाल्मीकीय रामायण कथा का भव्य रूप से समापन हो गया। पूज्य श्री गर्भ दास जी महाराज (सीताराम दास जी) के श्रीमुख से प्रवाहित हुई रामकथा ने क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। कथा के अंतिम दिवस 11 जनवरी 2026 को विधि-विधान से पूर्णाहुति हवन संपन्न हुआ।

पूर्णाहुति के पश्चात आयोजकों द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान जय श्रीराम और जय श्रीराधे के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।

रामकथा के दौरान पूज्य महाराज जी ने प्रभु श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों, ग्रामवासियों एवं श्रद्धालुओं का विशेष योगदान रहा।

समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में संस्कार, भक्ति और आपसी भाईचारे को बल मिलता है।
