धान खरीदी में नाकामी के खिलाफ आम आदमी पार्टी का जोरदार प्रदर्शन, मुख्यमंत्री निवास का किया घेराव

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर किसानों की समस्याओं के विरोध में आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया। पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर किसान-विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए धान खरीदी की तारीख 28 फरवरी तक बढ़ाने और किसानों को एकमुश्त भुगतान करने की मांग की।
आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष देवलाल नरेटी ने कहा कि प्रदेश में लगभग 3 लाख किसान अब तक अपना धान नहीं बेच पाए हैं। सरकार की लापरवाही के चलते किसानों को बीज, खाद और टोकन के लिए भटकना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों ने किसानों को कर्ज के बोझ तले दबा दिया है और यह स्थिति किसानों को आत्महत्या की ओर धकेलने जैसी है। यदि सरकार ने जल्द धान खरीदी की अवधि नहीं बढ़ाई, तो पार्टी किसानों के साथ मिलकर आंदोलन को और तेज करेगी।

कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि धान बेचने के बाद भी किसानों को पूरा भुगतान नहीं मिल पा रहा है। किसानों को सुबह तड़के से सहकारी बैंकों के बाहर कतार में लगना पड़ता है और एक बार में केवल 25 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर टोकन व्यवस्था को बिगाड़ा, खरीदी केंद्रों की दैनिक सीमा घटाई और छोटे किसानों से जबरन रकबा समर्पण कराया।
कोरबा लोकसभा अध्यक्ष रमाशंकर मिश्रा ने कहा कि सरकार ने 6 फरवरी को धान खरीदी बंद कर दी, जिसे तत्काल प्रभाव से 28 फरवरी तक बढ़ाया जाना चाहिए या तब तक खरीदी जारी रखी जाए, जब तक किसानों का एक-एक दाना धान न खरीदा जाए। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसानों के अधिकारों की लड़ाई है और मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री निवास घेराव के दौरान आम आदमी पार्टी के प्रदेश व जिला स्तर के पदाधिकारी, सरपंच, कार्यकर्ता और हजारों की संख्या में किसान उपस्थित रहे। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
