जनकपुर में आंधी-तूफान का कहर, PWD व्यवस्था पर उठे सवाल
एमसीबी जिले के जनकपुर में अचानक आई तेज आंधी, तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। कुछ ही देर में मौसम ने विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरे क्षेत्र का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

तहसील कार्यालय परिसर में महुआ का विशाल पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आकर कई मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं। नगर के अलग-अलग हिस्सों में बड़े पेड़ गिरने से रास्ते बाधित हुए और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
तेज बारिश के चलते कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई। कई जगह पेड़ बिजली के तारों पर गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई और हादसे की आशंका भी बढ़ गई।
इसी बीच नगर में नाली व्यवस्था को लेकर PWD विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश होते ही नालियां जवाब दे गईं। हालात यह रहे कि सड़क का पानी नालियों में जाने के बजाय सीधे लोगों के घरों में घुस गया, जिससे कई घर तालाब जैसे नजर आने लगे।
आमजन का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण हर बारिश में यही स्थिति बनती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल राहत कार्य शुरू करने, नाली व्यवस्था दुरुस्त करने और बिजली बहाल करने की मांग की है, ताकि हालात जल्द सामान्य हो सकें।
