शिक्षकों ने उठाई पूर्व सेवा गणना की मांग, सरकार से हस्तक्षेप की अपेक्षा

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छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन की प्रांतीय महासभा में शिक्षकों की पेंशन को लेकर बड़ा मुद्दा जोर-शोर से उठा। प्रदेशभर से पहुंचे शिक्षकों और पदाधिकारियों ने “प्रथम नियुक्ति से पेंशन” की मांग को लेकर एकजुट होकर हुंकार भरी।
मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी मांग – विधायक पुरंदर मिश्रा
महासभा में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने शिक्षकों की मांगों को गंभीर बताते हुए आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के सामने मजबूती से रखेंगे। साथ ही उन्होंने प्रतिनिधिमंडल की जल्द मुलाकात कराने की बात भी कही।
शिक्षकों की मुख्य मांगें

👉 पेंशन की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए
👉 33 वर्ष की जगह 20 वर्ष सेवा में पूर्ण पेंशन लागू हो
👉 संविलियन (2018) से पहले की सेवा को भी पेंशन में जोड़ा जाए
👉 क्रमोन्नति, पदोन्नति और समयमान वेतनमान लागू किया जाए
👉 सेवा अवधि 65 वर्ष करने की मांग
🟩 कोर्ट के फैसलों का हवाला

महासभा में उच्च न्यायालय के फैसलों का जिक्र करते हुए कहा गया कि पेंशन “स्थगित पारिश्रमिक” है, इसलिए पूर्व सेवा को नजरअंदाज करना न्यायसंगत नहीं।
टीईटी पर सरकार के बयान का स्वागत
शिक्षामंत्री द्वारा टीईटी को लेकर दिए गए सकारात्मक बयान का महासभा में स्वागत किया गया। शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द समाधान निकालेगी।
डीएड/बीएड को लेकर भी बड़ा प्रस्ताव
बैठक में यह मांग उठी कि डीएड योग्य शिक्षकों के लिए 6 माह का विशेष बीएड कोर्स शुरू किया जाए, जिससे उनकी पदोन्नति का रास्ता साफ हो सके।
रणनीति तैयार, आंदोलन के संकेत
महासभा में तय किया गया कि इन मांगों को लेकर प्रदेशभर में रणनीति के साथ आगे बढ़ा जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा।

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