एमसीबी जिले के जनकपुर क्षेत्र में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि विभाग ने बुलडोजर चलाकर गरीब परिवार के मकान को गिरा दिया, जिससे पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कार्रवाई चयनित तरीके से क्यों की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाना ही उद्देश्य था, तो पूरे क्षेत्र में समान रूप से कार्रवाई की जानी चाहिए थी, लेकिन केवल एक घर को ही निशाना बनाया गया।
पीड़ित परिवार ने वन विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि “फ्री में चाय नहीं पिलाने पर मकान तोड़ दिया गया”, जिससे पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
वहीं इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भाजपा के एक बड़े नेता ने बयान देते हुए कहा कि “वन विभाग के कुछ लोग स्वयं ही कब्जे में शामिल हैं”, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर और सवाल खड़े हो गए हैं।
इस कार्रवाई को लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों के नेताओं ने आपत्ति जताई है और इसे गलत ठहराया है।
फिलहाल पूरा मामला संदेह के घेरे में है और अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है और क्या सभी प्रभावितों को न्याय मिल पाता है या नहीं।
और अतिक्रमण कारियो के लिए वन विभाग क्या करेगा
